Love shayari : सुन पगली, तुम्हारी फ़िक्र हैं ‘शक’ नहीं,

सुन पगली,
तुम्हारी फ़िक्र हैं ‘शक’ नहीं,
तुम्हें कोई और देखे ये किसी को हक़ नहीं,
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Sun pagli
tumhari fikar hai “shak” nahi
tumhe koi or dekhe ye kisi ko “hak” nahi

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