2 line shayari : और कितना परखोगे तुम मुझे…

1. और कितना परखोगे तुम मुझे ❓❓
क्या इतना काफी नहीं कि मैंने तुम्हें चुना है ‼

Our kitna parkhoge tum mujhe ??
kya itna kafi nahi ki maine tumhe chuna hai||

2 💕💕💕रहने दे मुझे यूँ उलझा हुआ सा तुझमें,
सुना है सुलझ जाने से धागे अलग अलग हो जाते हैं.💕💕💕

rahne de mujhe u uljha hua sa tujhme,
suna hai suljh jane se dhage alag -alag ho jate hai,,,

3 मेरा दिल आपकी तरफ कुछ यूँ झुक सा जाता है …
किसी बेईमान बनिए का तराजू हो जैसे..

mera dil aapke taraf kuch yoon jhuk sa jaata hai …
kisi baiman baniye ka tarajoo ho jaise..